
विदर्भ स्पेशल शेंगोले रेसिपी इन हिंदी : बनाने का आसान तरीका :
शेंगोले महाराष्ट्र के Vidarbha क्षेत्र की एक पारंपरिक और बेहद लोकप्रिय रेसिपी है। यह मुख्य रूप से गेहूं के आटे और बेसन से बनाई जाती है। शेंगोले देखने में छोटे-छोटे रोल या डम्पलिंग जैसे होते हैं जिन्हें मसालेदार रस्सेदार ग्रेवी में पकाया जाता है। यह रेसिपी स्वादिष्ट होने के साथ-साथ पौष्टिक भी होती है और ग्रामीण महाराष्ट्र में विशेष अवसरों तथा रोजमर्रा के भोजन में भी बनाई जाती है।
अगर आप पारंपरिक भारतीय व्यंजनों के शौकीन हैं, तो यह विदर्भ स्पेशल शेंगोले रेसिपी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसका अनोखा स्वाद और सरल विधि इसे हर उम्र के लोगों का पसंदीदा बनाती है।अगर आप पारंपरिक भारतीय व्यंजनों के शौकीन हैं, तो यह विदर्भ स्पेशल शेंगोले रेसिपी आपके लिए एक बेहतरीन विकल्प है। इसका अनोखा स्वाद और सरल विधि इसे हर उम्र के लोगों का पसंदीदा बनाती है।
शेंगोले क्या है?
शेंगोले महाराष्ट्र के पारंपरिक व्यंजनों में से एक है। इसे गेहूं के आटे और बेसन के मिश्रण से तैयार किया जाता है। आटे से बने छोटे-छोटे रोल्स को मसालेदार पानी या ग्रेवी में उबालकर पकाया जाता है। यह व्यंजन स्वाद, पोषण और सादगी का बेहतरीन मेल है।
तैयारी का समय (Preparation Time)
तैयारी का समय 20 मिनट
पकाने का समय 30 मिनट
कुल समय 50 मिनट
सर्विंग 4-5 लोगों के लिए

शेंगोले बनाने के लिए सामग्री :
1 कप गेहूं का आटा 1 Cup Wheat Flour
½ कप बेसन ½ Cup Gram Flour
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1 Tsp Red Chilli Powder
½ छोटा चम्मच हल्दी ½ Tsp Turmeric Powder
1 छोटा चम्मच जीरा 1 Tsp Cumin Seeds
1 छोटा चम्मच अजवाइन 1 Tsp Carom Seeds
1 बड़ा चम्मच तेल 1 Tbsp Oil
स्वादानुसार नमक Salt to Taste
आवश्यकतानुसार पानी Water as Required
ग्रेवी (रस्सा) के लिए :
2 बड़े चम्मच तेल 2 Tbsp Oi 1 छोटा चम्मच राई 1 Tsp Mustard Seeds
1 छोटा चम्मच जीरा 1 Tsp Cumin Seeds
8-10 करी पत्ते 8-10 Curry Leaves
2 हरी मिर्च 2 Green Chillies
1 मध्यम प्याज बारीक कटा हुआ 1 Medium Onion
1 छोटा चम्मच अदरक-लहसुन पेस्ट 1 Tsp Ginger Garlic Paste
½ छोटा चम्मच हल्दी ½ Tsp Turmeric Powder
1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर 1 Tsp Red Chilli Powder
1 छोटा चम्मच गोडा मसाला 1 Tsp Goda Masala
4 कप पानी 4 Cups Water
स्वादानुसार नमक Salt to Taste
सजावट के लिए हरा धनिया Coriander Leaves
बनाने की विधि :
एक बड़े बर्तन में गेहूं का आटा और बेसन लें।
इसमें लाल मिर्च, हल्दी, जीरा, अजवाइन और नमक डालें।
तेल डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
धीरे-धीरे पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें।
आटे को 10 मिनट ढककर रख दें।तैयार आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं।
प्रत्येक लोई को हाथों की मदद से लंबा और पतला रोल आकार दें।
सभी शेंगोले तैयार करके एक प्लेट में रख लें।एक गहरे पैन या कढ़ाई में तेल गर्म करें।
राई और जीरा डालकर चटकाएं।
करी पत्ता और हरी मिर्च डालें।
प्याज डालकर सुनहरा होने तक भूनें।
अदरक-लहसुन पेस्ट डालकर खुशबू आने तक पकाएं।
हल्दी, लाल मिर्च और गोडा मसाला डालकर मिलाएं।
अब पानी डालकर अच्छी तरह उबाल आने दें।उबलते हुए रस्से में धीरे-धीरे शेंगोले डालें।
15-20 मिनट तक मध्यम आंच पर पकाएं।
बीच-बीच में हल्के हाथ से चलाते रहें।
जब शेंगोले नरम हो जाएं तो गैस बंद कर दें।
ऊपर से हरा धनिया डालकर गर्मागर्म परोसें।
पौष्टिक तत्व :
कार्बोहाइड्रेट 40 ग्राम
प्रोटीन 9 ग्राम
वसा 8 ग्राम
फाइबर 6 ग्राम
आयरन 2-3 मि.ग्रा.
कैल्शियम 35-40 मि.ग्रा.
शेंगोले खाने के स्वास्थ्य लाभ :
- प्रोटीन का अच्छा स्रोत
बेसन में मौजूद प्रोटीन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। - पाचन के लिए फायदेमंद
फाइबर की अच्छी मात्रा पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करती है। - लंबे समय तक पेट भरा रखता है
यह रेसिपी काफी संतोषजनक होती है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती। - ऊर्जा प्रदान करती है
गेहूं और बेसन शरीर को लंबे समय तक ऊर्जा देते हैं। - पारंपरिक और संतुलित भोजन
यह एक संपूर्ण भारतीय पारंपरिक भोजन माना जाता है जिसमें कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर का अच्छा संतुलन होता है।
आवश्यक टिप्स
आटा बहुत ज्यादा नरम न गूंथें।
शेंगोले समान आकार के बनाएं ताकि सभी एकसमान पकें।
ग्रेवी में डालते समय आंच मध्यम रखें।
स्वाद बढ़ाने के लिए मूंगफली का कूट मिला सकते हैं।
पारंपरिक स्वाद के लिए गोडा मसाला जरूर डालें।
परोसते समय ऊपर से घी डालने से स्वाद और बढ़ जाता है।
अक्सर होने वाली गलतियां (Common Mistakes)
- बहुत नरम आटा गूंथना इससे शेंगोले टूट सकते हैं।
- उबाल आने से पहले शेंगोले डालना ऐसा करने से वे चिपक सकते हैं।
- बार-बार तेज़ी से चलाना शेंगोले टूटने का खतरा बढ़ जाता है।
- बहुत गाढ़ी ग्रेवी बनाना शेंगोले ग्रेवी सोख लेते हैं, इसलिए रस्सा थोड़ा पतला रखें।
- कम समय तक पकाना अधपके शेंगोले खाने में अच्छे नहीं लगते।
परोसने के सुझाव :
गरमागरम शेंगोले को घी के साथ परोसें।
दही और अचार के साथ इसका स्वाद और बढ़ जाता है।
इसे दोपहर या रात के भोजन में मुख्य व्यंजन के रूप में परोसा जा सकता है।
ऊपर से ताजा हरा धनिया डालकर सर्व करें।
निष्कर्ष :
विदर्भ स्पेशल शेंगोले रेसिपी महाराष्ट्र की समृद्ध पाक परंपरा का एक शानदार उदाहरण है। यह व्यंजन साधारण सामग्री से बनता है लेकिन स्वाद और पोषण के मामले में बेहद खास है। गेहूं के आटे और बेसन से बने नरम शेंगोले जब मसालेदार रस्से में पकते हैं, तो उनका स्वाद लाजवाब हो जाता है। यदि आप कुछ नया, पारंपरिक और पौष्टिक बनाना चाहते हैं, तो यह रेसिपी जरूर ट्राई करें। एक बार इसका असली स्वाद चखने के बाद यह आपके परिवार की पसंदीदा रेसिपी बन सकती है। आप इसमें मिर्च की मात्रा कम ज्यादा कर सकते हैं आपके पसंद के अनुसार अगर आपको रोज-रोज की रोटी सब्जी खानी ना हो तो आप यह सिंगोले बना सकते हैं मेरे बच्चे तो इससे इंडियन पास्ता कहते हैं और बहुत बहुत चाव खाता हैं हम शिंगोली को अलग-अलग शेप में बना सकते हैं जो आपको पसंद हो वह आकर में वह आप बना सकते हैं
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल :
शेंगोले किस राज्य की प्रसिद्ध डिश है?
शेंगोले महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र की पारंपरिक डिश है।
क्या केवल गेहूं के आटे से शेंगोले बनाए जा सकते हैं?
हां, लेकिन बेसन मिलाने से स्वाद और पौष्टिकता बढ़ जाती है।
क्या शेंगोले बिना प्याज-लहसुन के बनाए जा सकते हैं?
बिल्कुल, आप इसे सात्विक तरीके से भी बना सकते हैं।
शेंगोले को कितने समय तक स्टोर किया जा सकता है?
इसे 1 दिन तक फ्रिज में रखा जा सकता है और दोबारा गर्म करके खाया जा सकता है।
क्या बच्चे भी इसे खा सकते हैं?
हां, कम मिर्च डालकर बच्चों के लिए भी यह एक पौष्टिक भोजन है।
शेंगोले के साथ क्या परोसा जाता है?
दही, अचार, पापड़ या घी के साथ इसे परोसा जा सकता है।