खमंग रुचकर पुरणपोळी रेसिपी :मा के हात का स्वाद :

खमंग रुचकर पुरणपोळी रेसिपी हिंदी : खमंग रुचकर पुरणपोळी घर पर कैसे बनाये :

पुरणपोळी महाराष्ट्र की एक पारंपरिक और बहुत ही स्वादिष्ट मिठाई है। इसे खासकर त्योहारों जैसे होली और गुढी पड़वा पर बनाया जाता है। यह एक मीठी रोटी होती है, जिसमें चने की दाल और गुड़ का भरावन (पुरण) भरा जाता है। कुछ लोग इसे गुड से बनाते है तो कुछ लोग चिनी से भी बनाते है महाराष्ट्र मे जैसे पुरणपोळी प्रसिद्ध है वैसे ही पुरण भरकर मांडे नाम की मिठी रोटी बनाई जाती है व खानदेश मे बहुत प्रसिद्ध है शादी मे जब अष्टवर होते है तब ये मांडे बनाये जाते है मांडे रुमाली रोटी जैसे ही पतले और बडे बडे होते है किसी भाग में पुरणपोळी के साथ घी खाया जाता है तो किसी भाग मे पुरणपोळी के साथ दूध खाया जाता है आज इस ब्लॉक मे हम महाराष्ट्रीयन पुरणपोळी खानदेश की फेमस मांडले रेसिपी सिखेंगे

खमंग रुचकर पुरणपोळी रेसिपी सामग्री :

आटा (Dough)
गेहूं का आटा – 2 कप (Wheat Flour – 2 cups)
मैदा – ½ कप (All-purpose Flour – ½ cup)
तेल – 2 टेबलस्पून (Oil – 2 tbsp)
नमक – 1 चुटकी (Salt – a pinch)
पानी – जरूरत अनुसार (Water – as required)
पुरण / स्टफिंग (Filling) :
चना दाल – 1 कप (Chana Dal / Split Bengal Gram – 1 cup)
गुड़ – 1 कप (Jaggery – 1 cup)
इलायची पाउडर – ½ टीस्पून (Cardamom Powder – ½ tsp)
जायफल पाउडर – 1 चुटकी (Nutmeg Powder – a pinch)
घी – 1 टेबलस्पून (Ghee – 1 tbsp)

खमंग रुचकर पुरणपोळी

पुरणपोळी बनाने की विधि :

Step 1: आटा तैयार करें
एक बर्तन में गेहूं का आटा, मैदा, नमक और तेल डालें।
अब इसमें थोड़ा-थोड़ा पानी डालकर नरम आटा गूंध लें।
आटे को ढककर 20–30 मिनट के लिए रख दें।
Step 2: पुरण (Filling) बनाएं
चना दाल को धोकर 2–3 घंटे भिगो दें।
अब दाल को कुकर में नरम होने तक उबाल लें।
उबली हुई दाल का पानी निकालकर उसे मैश करें।
अब कढ़ाई में दाल और गुड़ डालकर धीमी आंच पर पकाएं।
जब मिश्रण गाढ़ा हो जाए, तब उसमें इलायची और जायफल पाउडर डालें।
ठंडा होने के बाद इसे छोटे-छोटे बॉल्स में बना लें।
Step 3: पुरणपोळी बनाना
आटे की लोई बनाएं और उसमें पुरण भरें।
अब इसे हल्के हाथ से बेल लें (ज्यादा दबाव ना डालें)।
तवा गरम करें और पोळी को दोनों तरफ से सेकें।
ऊपर से घी लगाकर सुनहरा होने तक पकाएं।

सर्व करने का तरीका (Serving Suggestion) :
गरमा-गरम पुरणपोळी को घी के साथ सर्व करें।
इसे दूध या दही के साथ भी खाया जा सकता है।

टिप्स (Pro Tips) :
दाल ज्यादा पतली ना रखें, नहीं तो भरावन बाहर आ सकता है।
गुड़ की मात्रा अपने स्वाद अनुसार कम या ज्यादा कर सकते हैं।
आटा नरम रखें, इससे पोळी आसानी से बनेगी।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

इसे गेहूं के आटे और मैदा के मिश्रण से बनाया जाता है।
Q2. क्या हम चीनी की जगह गुड़ ही इस्तेमाल करें?
हाँ, पारंपरिक स्वाद के लिए गुड़ ही सबसे अच्छा होता है।
Q3. पुरणपोळी कितने दिन तक स्टोर कर सकते हैं?
2–3 दिन तक एयरटाइट कंटेनर में रख सकते हैं।

खानदेश स्पेशल मांडे रेसिपी :

मांडे खानदेश की एक बेहद पारंपरिक और खास मिठाई है, जो खासतौर पर खानदेश क्षेत्र में त्योहारों, शादी-ब्याह और खास मौकों पर बनाई जाती है। यह रेसिपी देखने में रोटी जैसी लगती है, लेकिन इसका स्वाद मीठा, हल्का कुरकुरा और घी से भरपूर होता है।
मांडे को बनाने की प्रक्रिया थोड़ी मेहनत वाली होती है, लेकिन इसका स्वाद इतना शानदार होता है कि हर मेहनत वसूल हो जाती है। इसे पतला बेलकर तवे पर सेंका जाता है और ऊपर से घी व गुड़ या शक्कर डाला जाता है।

खानदेश स्पेशल मांडे रेसिपी सामग्री :

मुख्य सामग्री:
2 कप गेहूं का आटा (Wheat Flour)
1/2 कप मैदा (Refined Flour)
1 कप गुड़ (Jaggery – grated)
1/2 कप शक्कर (Sugar – optional)
1/4 कप घी (Clarified Butter)
1/2 कप दूध (Milk)
1/4 चम्मच नमक (Salt)
फ्लेवर के लिए:
1/2 चम्मच इलायची पाउडर (Cardamom Powder)
1 चम्मच खसखस (Poppy Seeds – optional)

खानदेश स्पेशल मांडे बनाने की विधि :

Step 1: आटा गूंथना
एक बाउल में गेहूं का आटा, मैदा और नमक मिलाएं। इसमें थोड़ा-थोड़ा दूध डालकर नरम आटा गूंथ लें। ऊपर से थोड़ा घी लगाकर 20 मिनट ढककर रख दें।
Step 2: गुड़ की तैयारी
गुड़ को हल्का सा गर्म करके नरम करें और उसमें इलायची पाउडर मिलाएं।
Step 3: लोई बनाना
आटे की छोटी-छोटी लोइयां बनाएं। हर लोई को थोड़ा बेलकर उसमें गुड़ का मिश्रण भरें और बंद करें।
Step 4: पतला बेलना
अब इसे बहुत हल्का और पतला बेलें (जितना पतला हो सके), यही मांडे की खास पहचान है।
Step 5: सेकना
तवे को गर्म करें और बिना ज्यादा तेल के दोनों तरफ हल्का सुनहरा होने तक सेकें। ऊपर से घी लगाएं।
Step 6: सर्व करना
गरमा-गरम मांडे को घी के साथ परोसें।

खास टिप्स (Pro Tips)
मांडे जितना पतला होगा, उतना ही स्वादिष्ट लगेगा
गुड़ की जगह शक्कर भी इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन गुड़ ज्यादा ऑथेंटिक स्वाद देता है
धीमी आंच पर ही सेकें ताकि जलें नहीं
अक्सर पुचे जाने वाले सवाल
Q1. मिशन मांडे किस मौके पर बनाए जाते हैं?
शादी, त्योहार और खास अवसरों पर बनाए जाते हैं।
Q2. क्या इसे बिना मैदा के बना सकते हैं?
हां, आप सिर्फ गेहूं के आटे से भी बना सकते हैं।
Q3. इसे कितने दिन स्टोर कर सकते हैं?
2–3 दिन तक एयरटाइट डिब्बे में रख सकते हैं।
निष्कर्ष (Conclusion) मांडे एक पारंपरिक, स्वादिष्ट और खास मिठाई है जो खानदेश की संस्कृति को दर्शाती है। अगर आप कुछ अलग और देसी मिठाई ट्राई करना चाहते हैं, तो यह रेसिपी आपके लिए परफेक्ट है। इस मांडे मे हम गुड पसंद है तू गुड डाल सकते है सकते है जिने जिनी पसंद हो चिनी डाल सकते है फक्त आपले स्वागत के अनुसार हम चिनी कमी या ज्यादा कर सकते है और इसकी एक और खास बात ये है कि ये आम के रसके साथ भी बहुत अच्छा लगता है गर्मी ओके दिनो मे जादा तर लोक मांडे और आमरस खाना पसंद करते है यह खानदेश क खानदेश की की स्पेशल डिश है

खानदेश में अक्षय तृतीया को खास तौर पर mande बनाए जाते हैं और उसके साथ आम रस बनाया जाता है पितरों को यही भोग लगाया जाता है अक्षय तृतीया को बाजार में भी उसे दिन बहुत सारे लोग मंडे बनाकर बेचते हैं

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